चारोळ्या
Tuesday, 7 February 2012
समाज का...
लोहे की दीवारों में शीशा कहा से लाऊ
शीशे के घर में पत्थर कैसे सजाऊ
गर बुनियाद हो पत्थर सी,
sina
हो पोलाद का ,
तो फिर शीशे भी कह उठेंगे,
देख लो ए दुनिया वालो,
मै आईना हु इंसानी समाज का...
Dr. संदीप नंदेश्वर
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