Tuesday, 7 February 2012

सच्चाई

पल भर कि जिंदगी यु ही न गुजर जाए
सफलता की ऊंचाईयोंपर शिकायत का मौका न लाए
मिट जाए हस्ती तो कोई गम नहीं मगर
जाते जाते अपने पीछे सच्चाई छोड़ जाए !
---डॉ. संदीप नंदेश्वर, नागपुर.

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