चारोळ्या
Wednesday, 8 February 2012
सच्चाई छोड़ जाए !
पल भर कि जिंदगी यु ही न गुजर जाए
सफलता की ऊंचाईयोंपर शिकायत का मौका न लाए
मिट जाए हस्ती तो कोई गम नहीं मगर
जाते जाते अपने पीछे सच्चाई छोड़ जाए !
---डॉ. संदीप नंदेश्वर, नागपुर.
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment